मुसलमानों की तबाही की वज़ह


 हज़रत मुहम्मद ने जिन यहूद से नफरत करने को कहा था आज अरब इमारात के हुक्मरान उनसे ही मुहब्बत करते हैं

अल्लाह ने अपनी पाक किताब कुरआन क्रीम में सराहत के साथ ज़िक्र किया है कि जो अल्लाह व उस के रसूल का दुश्मन है वह हम सब का दुश्मन है उन से दोस्ती करने वाला हम में से नहीं है और दुनिया जानती है कि यहूदी व नसारा हमेशा से इस्लाम का दुश्मन रहा है वह चाहता नहीं की इस्लाम और उन के मानने वाले लोग बाकी रहे और आगे बड़े खुद हम सब आज भी दुनिया के हालात से अंदाजा लगा सकते हैं और समझ सकते हैं फलिस्तीन के अंदर मुसलमानों पर  कतलो गरत गिरी का खूनिखेल खेला जराहा है मस्जिद पर घूूस कर बम बारी कर रहा है लोगों को जान से मार रहा है औरत और बच्चाें को भी कतल कर रहा है फिल वाक्त जो जो जुल उन यहूदी मलूनी ताकत को समझ में आता है कर रहा है वहां के मुसलमान रो रो कर दुनिया से फर्याद कर रहा है मदद कि गोहहार लगा रहा है लेकिन कोई मदद के लिए तैयार नहीं यहूद इस्राएल के खिलाफ जाने को तैयार नहीं गेर तो गेर हमारे अपने इस्लामी मुमालिक सउदी अरब तुर्की पाकिस्तान मिश्र उर्दुन ईरान लेबनान अफगानिस्तान कतर  मुल्क शाम  इस के इलावा और सारे इस्लामी मुमालिक सहिह माने में आज खामूष हैं कोई मदद के लिए तैयार नहीं बड़ी हैरत की बात है 

सारे इस्लामी मुल्क एक ताकत नहीं बन पा रही है कि पूरी दुनिया उन से लरज जाती और खोफ खती

बस अय्याशी में धन दौलत लुटा रही है इस्लामिक मुमालिक के इत्तहाद आज एक बहुत बड़ी ताकत दुनिया के सामने पेश कर सकती है और यहूद इस्राएल को जड़ से खत्म कर सकती है सिर्फ 5 इस्लामी मुमालिक 
1 सउदी अरब 
2 तुर्की 
3 ईरान
4 रूस 
5 पाकिस्तान  
सिर्फ यह इलान कर दे कि हम सब मिल कर इस्राएल को सबक सिखाने आ रहे हैं और किबला1 की हिफ़ाज़त के लिए हैं सब अपना अपना फोज मिज़ाइल और सारा लश्कर फलिस्तीन में उतार रहे हैं मगरिबी सारी ताकत थर्रा जाएगी और फितना फसाद ख़तम कर देगी 

यहूद इस्राएल ने बड़ी चालाकी से मुस्लिम मुमालिक को एक दूसरे से दूर रखखा है जिस का फायदा खुद मगरिबी ताकत व यहूद को हो रहा है 

बेचारे मजलूमियत के शिकार पूरी दुनिया के मुसलमान खुसूसं फलिस्तीनी भाई हमरे इन मक्कार व अय्यार अय्याश नामो निहाद हुक्मरान गंभीरता से नहीं ले रहे हैं खुल कर बातिल का मुंह तोड़ जवाब नहीं दे रहे हैं अपनी मुस्लिम मुमालिक के बीच इत्ताहाद मस्तःकम नहीं कर पा रहे हैं अपनी रिआया की हिफ़ाज़त नहीं कर पा रहे हैं अपनी किबला ूला की मस्जिद की बेतुल्मकदीस की हिफ़ाज़त नहीं कर पा रहे हैं जालिम को जुल्म से नहीं रोक पा रहे हैं मुसलमानों कि जान माल इज्जत आबरू कि हिफ़ाज़त नहीं कर पा रहे हैं जो की उन हुक्मरानों का बुनियादी काम है ईमान है यही हमारी इस्लामी तालीम हैं 

मैं मुस्लिम हुक्मरानों से पूछना चाहता हूं बताओं इन हदीस शरीफ का किया मतलब हैं 

1 المسلم اخ المسلم مسلمان ایک دوسرے کا بھائی ہے 
2 پوری دنیا کا مسلمان ایک جسم کی طرح ہے 
3 جو اپنے لیے پسند کرتے ہو وہی دوسرے بھائی کے لئے بھی پسند کرو 1 मुस्लिम मुस्लिम भाई भाई हैं

 दुनिया भर के 2 मुसलमान एक देह के समान हैं

 3 अपने लिए चुन लो कि तुम अपने भाई के लिए क्या प्यार करते हो
مسلمانوں کی کمزوری اور زوال کی وجوہات
اسلامی تعلیمات کی روشنی میں مسلمانوں کی کمزوری کو صرف ایک وجہ سے بیان نہیں کیا جا سکتا۔ اس میں دینی، اخلاقی، تعلیمی، معاشرتی اور سیاسی کئی عوامل شامل ہو سکتے ہیں۔
1. قرآن و سنت سے دوری:
قرآن صرف تلاوت کے لیے نہیں بلکہ زندگی گزارنے کی رہنمائی بھی دیتا ہے۔ جب مسلمان اپنی تعلیمات پر عمل کم کرتے ہیں تو اخلاق اور کردار متاثر ہوتے ہیں۔
2. علم اور تعلیم کی کمی:
اسلام نے علم حاصل کرنے کی بہت تاکید کی ہے۔ دینی علم کے ساتھ جدید علوم، تحقیق اور ہنر میں مضبوط ہونا بھی ضروری ہے۔
3. آپسی اختلاف:
فرقہ وارانہ، ذاتی اور گروہی اختلافات امت کی اجتماعی طاقت کو کمزور کرتے ہیں۔ قرآن مسلمانوں کو اتحاد کی تعلیم دیتا ہے:
وَلَا تَنَازَعُوا فَتَفْشَلُوا وَتَذْهَبَ رِيحُكُمْ
“آپس میں جھگڑا نہ کرو، ورنہ تم کمزور پڑ جاؤ گے اور تمہاری قوت جاتی رہے گی۔”
(سورۃ الأنفال: 46)
4. اخلاق و کردار کی کمزوری:
جھوٹ، خیانت، ظلم، بددیانتی، حسد اور حقوق العباد میں کوتاہی معاشرے کو اندر سے کمزور کرتی ہے۔
5. محنت کے بجائے صرف خواہش:
ترقی کے لیے دعا کے ساتھ محنت، منصوبہ بندی، نظم و ضبط اور مستقل مزاجی بھی ضروری ہے۔
6. وقت کی ناقدری:
جو قوم اپنا وقت تعلیم، تحقیق، تربیت اور مفید کاموں میں نہیں لگاتی، وہ پیچھے رہ سکتی ہے۔
🌱 اصل سبق
مسلمانوں کی اصلاح دوسروں کو الزام دینے سے نہیں بلکہ اپنی اصلاح، علم، اتحاد، اچھے کردار، عدل اور محنت سے شروع ہوتی ہے۔
اللہ تعالیٰ فرماتا ہے:
إِنَّ اللَّهَ لَا يُغَيِّرُ مَا بِقَوْمٍ حَتَّىٰ يُغَيِّرُوا مَا بِأَنْفُسِهِمْ
“بے شک اللہ کسی قوم کی حالت نہیں بدلتا جب تک وہ خود اپنی حالت نہ بدلیں۔”
(سورۃ الرعد: 11)

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Milan Tomic

Hi. I’m Designer of Blog Magic. I’m CEO/Founder of ThemeXpose. I’m Creative Art Director, Web Designer, UI/UX Designer, Interaction Designer, Industrial Designer, Web Developer, Business Enthusiast, StartUp Enthusiast, Speaker, Writer and Photographer. Inspired to make things looks better.

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