जीत और हार बड़ा मज़ा आया
आज फिर से एक बार इंसानियत की जीत और शौनियत की हार हुई है अल्लाह ने अपनी मखलूक को बतादिया की शैतान कितना कि मजबूत कियू ना हो अल्लाह कि ताकत के सामने पाश पाश होजता है इस की जिंदा मिसाल हम सब के सामने मौजूद है एक हफ़्ता पहले से को लड़ाई शुरू हुई थी आज वह अपने नतीजे हार और जीत की सिफत के साथ ख़तम होने के कगार पर है
हारने वाले शैतान याहू द आज परेशान है
वह इस्राएल जो दुनिया को बतरहा था कि मेरे पास ऐसे ऐसे टेक्नालॉजी हथ्यार है कि दुनिया के पास नहीं है शैतानी सिफत रखने वाले इस्राएल हार से बहुत शर्मिंदा है
फलिस्तीन और इस्राएल की लड़ाई कि शुरुअात केसे हुई जो आखिर में बातिल इस्राएल के लिए शिकस्तऔर हक फलिस्तीन के लिए हक और सच
दर असल मामला यह हुआ था कि रमजान में बतुलमकदीस के कंपवोंड में फलिस्तीन के लोगों पर ताशुदुद कर रहा था इस्राएल के कुत्ते फोर्स तो हम्मास ने उन को कहा कि तुम सब यहां से चले जाओ और मस्जिद को खाली करदी लोगों को परेशान मत करो दस दीन का टाइम दिया इस्राएल के फोज ने खाली नहीं क्या और लोगों को परेशान जिया दा करने लगा तो हमास ने उन इस्राएल पर अटेक किया और उन को सबक सिखाने की सोची और एसा ही हुआ
जीतने वाले फलिस्तीन हाम्मास पर अल्लाह कि मदद हुई और जीत अपने नाम दर्ज कराई
मस्जिद की हिफ़ाज़त भी कर ली और दुनिया को यह पर भी से दिया की इस्राएल के पास कुछ ताकत नहीं हैं सब से ताकत वार जात अल्लाह की है वह जिस की मदद करदे दुनिया कि कोई ताकत उस को हरा नहीं सकती
जीतने का एक उसूल नियम भी दुनिया को सिखाया
की इस्लाम मजहब के मानने वाले लोग अमन पसंद होते हैं वह फितना व फसाद नहीं पसंद करता है अगर कोई उनके दीन पर मस्जिद पर इज्जत पर किताब पर उनकी वतन पर हमला करने की सोचता है तो उस को चोड़ता भी नहीं और इत्तेहाद मुसलमानों में अभी भी अलहम्दुलिल्लाह बाकी है
इस्लाम के दुश्मन इस्राएल को अल्लाह ने जलील किया हार दिलाया और हामियीन को जीत दिलवाइए इस से बड़ी खुशी की बात और किया होगी
अलहम्दुलिल्लाह आज में बड़े फख्र से कहसक्ता हूं कि फलिस्तीन की सर ज़मीन बड़ी बाबर कत ज़मीन है बड़े बड़े नबी व रूसूल उस ज़मीन पर तशरीफ लाए हैं और आखिर वक्त में अल्लाह खतीमुल अवलिया हज़रत मेहदी और हज़रत ईसा उसी सर ज़मीन पर इस्लाम का झंडा बुलंद करेंगे कल उ्चा होगा जीतेगा और बातिल हारेगा इंशाअल्लाह अल्लाह तहरीर को कुबूल फरमाए आमीन
🌹 جیت انسانیت کی، ہار شیطانیت کی
جب انسانیت جیتتی ہے تو نفرت ہارتی ہے، جب محبت جیتتی ہے تو ظلم ہارتا ہے، اور جب سچائی کا چراغ روشن ہوتا ہے تو جھوٹ اور اندھیرا مٹنے لگتا ہے۔
دنیا میں انسان کی اصل کامیابی صرف دولت، طاقت اور شہرت حاصل کرنا نہیں، بلکہ اپنے کردار سے انسانیت کی خدمت کرنا ہے۔ جو شخص کمزور کا سہارا بنتا ہے، مظلوم کے حق میں آواز اٹھاتا ہے، بھوکے کو کھانا کھلاتا ہے اور دشمن کے ساتھ بھی انصاف کرتا ہے، وہ انسانیت کی سربلندی میں اپنا حصہ ڈالتا ہے۔
🌍 انسانیت کی جیت کیسے ہوتی ہے؟
جب نفرت کی جگہ محبت لے لیتی ہے۔
جب ظلم کے مقابلے میں انصاف کھڑا ہوتا ہے۔
جب غصے کے بجائے صبر و تحمل اختیار کیا جاتا ہے۔
جب مذہب، ذات اور دولت سے بالاتر ہو کر انسان کی عزت کی جاتی ہے۔
جب طاقتور کمزور کو دبانے کے بجائے اس کی حفاظت کرتا ہے۔


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